संदर्भ:-

सयुंक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को विश्व सुरक्षा प्रबन्धन का सबसे बड़ा मंच कहा जाता है और वर्तमान समय में समस्त विश्व के सामने कोरोना वायरस महामारी की समस्या खड़ी हो गयी है, जैसा की आप जानते है इसे २१ वीं शताब्दी में मानवता के लिए सबसे बड़ा संकट माना जा रहा है ! कोरोना महामारी की इस संकट की घडी में जब UNSC से संकट को समाप्त करने में अपनी भूमिका निभाने की उम्मीद थी तो सुरक्षा परिषद खुद ही ख़त्म होने की स्तिथि में है !

सुरक्षा परिषद की निष्क्रियता का पता इस बात से लगाया जा सकता है की इस कोरोना महामारी की संकट की घडी में भी भी इसके सदस्य राष्ट्र एक दुसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे है मानव समाज पर इस खतरे के समय सयुंक्त राष्ट्र के महासचिव ने घरेलु संघर्ष में उलझे राष्ट्रों से इस लड़ाई को ख़त्म करने की अपील की है मगर इसके बाद भी UNSC अभी तक गायब है तो वो बात बहुत निराशजनक और चिंताजनक है !

कुछ अच्छी खबरे भी है अभी वैश्विक स्तर पर हो रही आलोचनाओ के बाद कुछ दिन पहले UNSC ने अपने सदस्य देशो के अपनी पहली बैठक का सफल आयोजन किया था, यह बैठक विश्व भर में कोरोना वायरस से शुरू हुए संकट पर चर्चा करने के लिए बुलाई गयी थी और अपनी इस पहली बैठक में कोरोना वायरस से प्रभावित लोगो के साथ एकजुटता दिखाने और एकता बनाये रखने की आवश्यकता पर ध्यान देने पर जोर दिया गया है !

इस आर्टिकल में हम UNSC के इतिहास और इसकी भूमिका तथा सुरक्षा परिषद के संगठन में सुधार की आवश्यकता और इसमें भारत की दावेदारी के बारे में विभिन्न बिन्दुओ पर विमर्श करेंगे !

UNSC का इतिहास:-


  • सयुंक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का गठन दुसरे विश्व युद्ध के समय साल १९४५ में हुआ था 
  • सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों की बात करे तो इसके स्थायी सदस्यों में USA, ब्रेटन, फ़्रांस, रूस और चीन है 
  • इस सभी स्थायी देशो के पास वीटो का अधिकार होता है 
  • इन ५ स्थायी देशो के अतिरिक्त १० एनी देशो को दो वर्ष के लिए अस्थायी सदस्य के रूप में सुरक्षा परिषद में शामिल किया जाता है !
  • स्थायी और अस्थायी सदस्य एक माह के लिए सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष बनाये जाते है !
  • इन अस्थायी देशो को चुनने का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा परिषद में क्षेत्रीय संतुलन को कायम करना होता है इस अस्थायी सदस्यता के लिए सदस्य देशो में चुनाव होता है !
  • इन ५ सदस्य एशियाई या अफ़्रीकी देशो दो दक्षिण अमेरिकी देशो से एक पूर्वी यूरोप से और दो पश्चिम यूरोप या अन्य क्षेत्रो से चुने जाते है !

UNSC की शक्तियाँ:-

  • सयुंक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्राथमिक जिम्मेदारी अन्तर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा कायम रखना है !
  • इसकी शक्तियों में शांति अभियानों का योगदान और अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिबंधो को लागु करना तथा सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के माध्यम से सैन्य कार्यवाही करना शामिल होता है !
  • अगर वीटो पॉवर की बात करे तो वर्तमान समय में सयुंक्त राष्ट्र परिषद के पांच स्थायी सदस्यों के पास वीटो पॉवर है !
  • स्थायी देश में अगर कोई एक देश किसी निर्णय से सहमत नही है तो वो वीटो पॉवर का इस्तेमाल करके उस निणर्य को रोक सकता है !